खून की कमी (एनीमिया) बच्चों में – लक्षण, कारण और उपाय | Anemia in children in hindi

मैं डॉ. सुरभि गुप्ता बाल रोग विशेषज्ञ आज हम आपके लिए एक कॉमन और बहुत ही महत्वपूर्ण टॉपिक लेकर आए हैं बच्चों में खून की कमी जिसे हम अनीमिया (Anemia) कहते हैं| (Anemia in babies)

आज हम  जानने वाले हैं-

  1. अनीमिया के लक्षण क्या होते हैं? (Anemia Symptoms)

  2. उसका इलाज क्या है?

  3. आप अपने बच्चों को क्या खिला सकते हैं जिससे बच्चों में खून की कमी को पूरा किया जा सके | (बच्चों में खून बढ़ाने के उपाय)

1. बच्चों में खून की कमी के लक्षण (Symptoms of Anemia in children)

 आप हमेशा देखेंगे कि छोटे बच्चों में लालिमा रहती है और उनका फेस ग्लो करता है, चाहे बच्चा किसी भी रंग का हो गौरा या साबला | और बच्चा अगर थोड़ा सा भी इमोशनल हो जाएगा तो लाल हो जाता है | अगर बच्चे में खून की कमी है तो, वह सफेद लगेगा आप बच्चे की हथेली को देखेंगे तो वह आपको ज्यादा सफेद लगेगी और आप  नॉर्मल हाथों से कंपेयर कर सकते हैं तो आपको अंतर पता चलेगा| जिन बच्चों में खून की कमी नहीं होती है, उनकी हथेलियां थोड़े से गुलाबी से लाल रंग की होती है और जिन बच्चों में खून की कमी होती है उनके हथेलियां सफेद रंग की होती है

दूसरा लक्षण होता है बच्चा ज्यादा चिड़चिड़ा हो जाता है और बात बात पर ज्यादा रोएगा| और बच्चे में अगर शुरू से खून की कमी है तो बच्चा शुरू से  चिड़चिड़ा होगा और अगर खून की कमी  कुछ  दिन पहले से ही है तो आप देखेंगे कि बच्चा पहले तो ज्यादा खुश रहता था और अब चिड़चिड़ा हो गया है|

तीसरा लक्षण होता है बच्चे की ग्रोथ कम हो जाएगी| बच्चे का वजन उतना नहीं बढ़ रहा होगा और उसकी लंबाई भी उतनी नहीं बढ़ रही होगी| और बच्चे को हल्का हल्का बुखार भी रह सकता है| बार-बार उसके  बुखार आएगा और  सर्दी जुकाम होगा, यह एक महत्वपूर्ण लक्षण है जिसे आप समझ सकते हैं कि बच्चों में खून की कमी हो सकती है|

इम्यूनिटी कम हो जाती है और बच्चा बार बार बीमार रहने लग जाता है

 यह तीन से चार लक्षण हैं जिससे हमें पता चल सकता है कि बच्चों में खून की कमी हो सकती है|

और एक महत्वपूर्ण लक्षण है कि कहीं हमारी फैमिली में किसी और को खून की कमी तो नहीं है क्योंकि कुछ बीमारियों में खून की कमी फैमिली में चलती है|

2. उसका इलाज क्या है? (Treatment of Anemia)

अब हमें लगता है कि शायद हमारे बच्चे में खून की कमी है, तो अब हम क्या करेंगे, हमें अब डॉक्टर को दिखाना है| डॉक्टर आपसे कुछ जरूरी सवाल पूछेंगे बच्चे को एग्जामइन करेंगे| जिससे कंफर्म हो जाएगा कि बच्चे को खून की कमी है या नहीं| फिर उसके बाद हो सकता है डॉक्टर आपको कुछ जांचें कराने की सलाह दें, हां याद रखें यह जांच करानी बहुत जरूरी है क्योंकि खून की कमी के कई प्रकार होते हैं| जो हमें सिर्फ जांचें करने पर ही पता चलता है|

क्योंकि जो हमारे खून मैं Cells होते हैं वह बहुत सारी चीजों से बने होते हैं| उनमें से किसी भी चीज की कमी होगी तो, एनीमिया हो जाता है ज्यादातर के शरीर में आयरन की कमी के कारण एनीमिया (Iron deficiency anemia in children) होता है| परंतु 10 से 20% में यह किसी और चीज की कमी के कारण भी हो सकता है| जैसे कि विटामिन बी12 (Vitamin B12), फोलिक एसिड (Folic acid) की कमी भी हो सकती है उनके लिए मार्केट में दवाइयां उपलब्ध हैं| लेकिन यह सभी दवाइयां कृपया डॉक्टर की सलाह से ही लें और जितने समय के लिए डॉक्टर दवाई लेने के लिए बोले उसका पूरा कोर्स करें| और आप देखेंगे कि एक हफ्ते में ही बच्चे में इंप्रूवमेंट आने लगेगी| हो सकता है एक महीने बाद ही बच्चे आपको पूरा नॉर्मल लगने लगे लेकिन ट्रीटमेंट ऐसे नहीं रोकना है, क्योंकि अभी तो सिर्फ Acute कमी पूरी हुई है लेकिन बॉडी के stores कंप्लीट नहीं हुए हैं| इसलिए जब तक डॉक्टर सलाह दे दवाइयां ले| पूरा course करें बीच में नहीं छोड़े नहीं तो जैसे ही आप दवाई बंद करेंगे बच्चे को दोबारा एनीमिया हो जाएगा|

हां  एक बात मैं जरूर बताना चाहूंगी यहां पर, कि जो आयरन का सिरप होता है वह थोड़ा सा कड़वा होता है और पेट में इरिटेशन करता है| तो इसलिए इसे खाने से आधे घंटे पहले दें और और बच्चे को सुबह शाम दो बार देने की जरूरत होती हैं और हां यह आयरन का सिरप दांत और टांग में लग जाता है इसलिए सिरप देने के बाद बच्चे को कुल्ला करा दें| अगर अगर बच्चे कुल्ला नहीं कर पाता है तो दांत और जीभ साफ कर दे|

3. आप अपने बच्चों को क्या खिला सकते हैं जिससे बच्चों में खून की कमी को पूरा किया जा सके| (बच्चों में खून बढ़ाने के उपाय)

अब तक हमने देखा कि बच्चों में खून की कमी (Anemia in babies) को कैसे पहचाने, उसके लिए क्या-क्या ट्रीटमेंट लेना है| लेकिन यह खून की कमी हमारे बच्चे में हुई क्यों उसके लिए हम क्या करें की आगे चलकर हमारे बच्चे में दोबारा खून की कमी नहीं हो|

इसके लिए सबसे जरूरी है खाद्य पदार्थों का ध्यान रखना हमें अपने बच्चे को ऐसा खाना खिलाना है जिससे हमारे बच्चे में दोबारा आयरन की कमी (Iron deficiency in children) नहीं हो|

इसमें सबसे जरूरी है हरी सब्जियां जैसे पालक, मेथी, सरसों और अन्य हरी सब्जियां| आप पालक के पकौड़े बना सकते हैं| 

दूसरे नंबर में दालें आती हैं

बच्चों को सोयाबीन खिला सकते हैं, जो कि एक बहुत ही अच्छा सोर्स है आयरन का यह न्यूट्रीला की फॉर्म में छोटी छोटी बड़ी आती है या फिर आप इसे आटे की तरह भी यूज़ कर सकते हैं|

और फल जैसे की सेब, केला यह दोनों ही बहुत ही अच्छी source है आयरन के|

जब भी आप बच्चों के लिए कोई मीठी चीज बनाए तो उसमें चीनी की जगह गुड़ का प्रयोग कर सकते हैं| जो कि एक बहुत ही अच्छा स्रोत है आयरन का|

  • MOONGFALI
  • काले चने आप बच्चे को दे सकते
  • KISSMIS
  • MUNNAKKA

एक और तरीका है बच्चों में आयरन की कमी को पूरा करने का, हमारा खाना बनाने के बर्तन पहले जमाने में लोग लोहे के बर्तन यूज़ करते थे लेकिन अब लोग नॉन स्टिक के बर्तन यूज़ करते हैं|

आपके बच्चे में अगर खून की कमी है, तो आप लोहे की कढ़ाई का प्रयोग कर सकते हैं| जैसे की सूजी भूनना, दलिए को भूनना, यह दोनों ही अपने आप में अच्छे आयरन के सोर्स हैं| जो आप नॉर्मल सब्जियां बना रहे हैं इन्हें भी आप कोशिश करें कि आप आयरन की कढ़ाई में बनाएं|

हां अगर आप मांसाहारी हैं तो नॉनवेज अपने आप में ही आयरन का बहुत अच्छा स्रोत है|

अगर आप शुरू से ही इन सब बातों का ध्यान रखेंगे, तो बच्चों में आयरन की कमी नहीं होगी| और हां अगर बच्चे में खून की कमी हो गई है, तो उसका सही तरीके से जै से डॉक्टर को बताएं| उसका ट्रीटमेंट लें और आगे के लिए इन सब ऊपर दिए गए उपायों को यूज में ले| जिससे कि फ्यूचर में आपके बच्चे को आयरन की कमी नहीं हो|

 

 

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https://youtu.be/alDl3txnFus